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Wednesday, June 16, 2021

जान ले तीन तलाक कानून के बारे में

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जान ले तीन तलाक कानून के बारे में

 

जान ले तीन तलाक कानून के बारे में

तीन तलाक का मामला भारत में काफी चर्चित रहा है| कई बुद्धिजीवियों की इस पर अलग-अलग राय है|

अगर कोई मुस्लिम पति अपनी पत्नी को एक ही जगह पर एक साथ तीन तलाक देता है यानी कि लिखता है या कहता है कि मैं तुझे तीन तलाक देता हूं|या कहता है तलाक तलाक तलाक! तो इसे कहा जाता है ट्रिपल तलाक| तो उनकी शादी वही खत्म हो जाती है और उनके बीच कोई पति पत्नी वाला रिश्ता नहीं रह जाता है| एक दो या तीन तलाक में यह फर्क होता है कि एक या दो बार अगर पति अपनी पत्नी को तलाक देता है या कहता है तो वह फिर से शादी कर सकते हैं| लेकिन अगर पति अपने पत्नी को तीन तलाक देता है तो वह दोनों फिर से शादी नहीं कर सकते| तीन तलाक के बाद वह दोनों पूरी तरह से आजाद हो जाते हैं| उनमें से कोई भी किसी से भी कहीं भी शादी कर सकता है|

तीन तलाक के बाद यदि पत्नी किसी और से दूसरी शादी कर लेती है और वह व्यक्ति मर जाता है या उसे तलाक देता है तो वह अपने पहले पति से निकाह कर सकती है| पहले पति से तलाक के बाद उसने जो दूसरे व्यक्ति से शादी की थी उसे कहा जाता है हलाला| हलाला का ट्रिपल तलाक से डायरेक्ट कनेक्शन माना जाता है| क्योंकि पहले पति से तलाक मिलने के बाद वह माहिला अगर दूसरे व्यक्ति से शादी करती है और उसके साथ रहने लगती है और उसके बाद वह दूसरा व्यक्ति मर जाता है या फिर उसे तलाक दे देता है तो वह माहिला अपने पहले पति से शादी कर सकती है|

वर्ष 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिपल तलाक को इनवेलिड करार दिया था| कि अगर कोई पति अपनी पत्नी को एक साथ तीन तलाक देता है तो वह इनवेलिड है उस तलाक को नहीं माना जाएगा| लेकिन अब इस पर कानून भी बन चुका है|
आइए जानते हैं क्या है तीन तलाक कानून और अगर कोई पति अपनी पत्नी को तीन तलाक देता है तो क्या होगा|
मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक में यह प्रावधान किया गया है कि|

1. अगर कोई मुस्लिम पति अपनी पत्नी को मौखिक लिखित इलेक्ट्रॉनिक या किसी भी अन्य तरीके से ट्रिपल तलाक देता है तो उसे शून्य या अवैध माना जाएगा|

2. तीन तलाक देना गैर जमानती और संज्ञेय अपराध है| यानी इसमें पुलिस बिना वारंट के 3 तलाक देने वाले को गिरफ्तार कर सकती है| लेकिन यह मुकदमा उसी मामले में संज्ञेय माना जाएगा जब महिला या उसका कोई रिश्तेदार मामला दर्ज करवाता है|

3. तीन तलाक देने वाले पति को 3 साल कारावास तक की सजा होगी| अर्थात यदि कोई पति अपनी पत्नी को तीन तलाक देता है तो उसे 3 साल तक का कारावास भोगना पड़ सकता है|

4. तीन तलाक की शिकार महिला अपने लिए और अपने बच्चों के लिए गुजारा भत्ता पाने की हकदार होगी| गुजारे भत्ते के रूप में कितनी रकम होगी इस बात को मजिस्ट्रेट तय करेंगे।

5. तीन तलाक के आरोपी पति को सिर्फ मजिस्ट्रेट ही जमानत दे सकेंगे| क्योंकि तीन तलाक एक गैर जमानती धारा है तो इसमें थाने से जमानत नहीं मिल पाएगी|

6. अगर तीन तलाक देने वाला पति समझौता करना चाहता है तो इसके लिए तीन तलाक कि शिकार महिला कि रजामंदी की जरूरत होगी| यानी तीन तलाक कि शिकार महिला कि दरख्वास्त पर ही मजिस्ट्रेट| समझौते कि अनुमति दे सकते हैं| अगर महिला समझौते के लिए राजी नहीं होती है तो इस मामले में समझौता नहीं हो सकता|

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Rahul Singh
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